Chanakya Niti

Top 15 Chanakya Niti Quots in Hindi

15 Feb , 2018  

chanakya

 

1.शिक्षा  सबसे अच्छी  मित्र है |शिक्षा  की शक्ति  के आगे युवा शक्ति और सौन्दर्य दोनों ही कमजोर है |

2.सुगंध  का प्रसार  हवा के रुख का मोहताज होता है पर अच्छाई  सभी दिशाओ मे फेलती है .

3.किसी भी मनुष्य  की वर्तमान सिथ्ति को देखकर  उसके भविष्य का उपवास मत उडाओ  क्योंकि काल मे

इतनी शक्ति होती है की वो एक मामूली सी कोयले के टुकड़े को हीरे मे बदल सकता है |

4.सोने की परख  उसे घिस कर , काट कर , गर्म कर के और पिट कर की जाती है .उसी तरह व्यक्ति  का

परिक्षण वह कितना त्याग करता है ,उसका आचारण केसा  है,उसमे गुण कोंन से है और उसका व्यवहार केसा है

इससे होता है |

 

5.कभी नाश होने  वाली चीज को छोड़ देता है ,तो उसके हाथ से अविनाशी  वस्तु तो चलीं ही जाती हैऔर उसमे कोई संदेह नही

की नाशवान को भी वह खो देता है|एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदारघर की अविवाहित कन्या से व्यंग होने के बावजूद

भी विवाह करना चाहिए  |उसे किसी हिन् घर की अत्यंत सुंदर र्स्त्री  से भी विवाह नही करना चाहिए |शादी विवाह हमेशा बराबरी

के घरो मे उचित होता है |

6.मूर्खो से वाद-विवाद नही करना चाहिए क्योकि इससे केवल आप का ही समय नष्ट करेगे |

7.इस संसार मे आज तक किसी को भी अपने धन ,से स्त्रिओ से और भोजन से  पूर्ण तृप्ति नही मिली |इनका जितना अधिक  उपयोग

किया जाता है ,उतनी ही उसको पाने की कामना बडती जाती है |

8.व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले ही मर जाता है |वह स्वयं ही अपने अच्छे और बुरे कर्मो को बुगतता है और वह अकेले  स्वर्ग या नरक

को जाता है |

9.मुर्ख से मूर्खो  जैसी  ही भाषा बोलनी  चाहिए |

10.चन्द्रगुप्त: किस्मत  पहले ही लिखी जा चुकी है तो कोशिश करने से क्या मिलेगा ; चाणक्य:क्या पता किस्मत मे लिखा हो की  कोशिश  से

ही मिलेगा |

11.बहुत से गुणों के होने के बावजूद  भी सिर्फ एक दोष सब कुछ नष्ट कर सकता है |

12.बिना  बुधि  वाला व्यक्ति एक दुष्ट पिशाच  के सिवाय  कुछ  नही है |

13.भय को नजदीक  न  आने दो अगर यह नजदीक आये इस पर हमला कर दो  यानी भय से भागो मत इसका सामना करो |

14.मनुष्य स्वयं ही अपने  कर्मो के दवारा  जीवम मे  दु:खो को बुलाता है |

15.मधुर वचन  सभी को संतुष्ट करते है इसलिए हमेशा मधुर वचन ही बोलने चाहिए | जो व्यक्ति मीठे  वचन  बोलते है ,उनसे

सभी प्राणी प्रसन्न  रहते है  इसलिए  मधुर वचन बोलने मे कैसी  दरिद्रता  ?