Uncategorized

Top In 10 Chanakya Niti in Hindi

9 Jul , 2018  

1. सृष्टि  के स्वामी ब्रहा ने सोने मे सुगंध  नही डाली ,ईख के खेतो मे फल नही लगाए,चन्दन के व्रक्ष  मे फूल नही लगाए,विद्वान्  प्राणियो को

धनी और राजा को दीर्घजीवी  नही बनाया |इससे तो ऐसा पता चलता हैं कि पूर्व काल मे ईश्वर को बुदी  देने वाला नही था |

Chanakya Niti

 

2.विधार्थी ,नौकर , राही ,भूख से पीड़ित डर से डरा हुआ ,भंडारी और दारपाल यदि यह मात्र सोते हैं तो इन्हे हर हाल मे जगा  देना चाहिए 

इनके सोने से हानि होती हैं और जागते रहने से लाभ होता हैं |

 

3.सांप ,राजा ,बाघ ,सूअर ,बालक ,दुसरे का कुता और मुर्ख यदि यह सब के सब सो रहे हो तो इनको जगाने की भूल  नही करनी चाहिए |

 

4.जिसको गुस्सा आने पर उससे कोई नही डरता और खुश होने पर धन प्राप्त होने की आशा नही करता ,जो न तो दण्ड दे सकता हैं और न ही

क्रपा  कर सकता हैं ,ऐसे प्राणी यदि रूठ भी जाये तो किसी का क्या बिगाड़ सकते हैं |

 

5.जिन सांपो मे जहर नही होता ,उन्हें भी अपना फन फैलाना  चाहिए |यह तो कोई नही जानता कि इस फन मे जहर  है कि भी नही | हाँ 

आडम्बर  से दुसरे  लोग डर अवश्य ही जाते हैं |

 

6.मुर्ख लोग सुबह के शुभ समय जुआ खेलना आरम्भ कर देते हैं |दोपहर के समय नारी के साथ सम्भोग करते हैं |और रात के समय 

चोरी अथवा अन्य बुरे काम करने के लिए घर से निकलते हैं |

 

7. अपने हाथ से गुंथी हुई माला ,अपने हाथ से घिसा हुआ चन्दन और अपने हाथ से लिखा हुआ स्तोत्र | यह सारे काम इंद्र देवता

की शोभा और लक्ष्मी को हर लेते हैं |अथवा जो लोग माला को गूंथते हैं उसका परिश्रम उस लाभ से भी अधिक होता हैं |जो इसके

धारण करने से होता हैं |

 

8.ईख ,तिल, क्षुद्र  नारी सेना .जमीन ,चन्दन -दही और पान को जितना भी मिलाया जाता हैं ,उतने ही उसके गुण बढ़ते हैं |

 

9.जो प्राणी निर्धन हैं ,गरीब हैं वह धन से हीन  नही हैं |यदि वह विद्या रूप धन  रखता हैं |तो इसमे क्या संदेह हैं |कि वह धनवान हैं |

विद्या  तो ऐसा धन हैं जो सबसे अनमोल हैं | परन्तु जिन लोगो के पास विद्या धन नही हैं ,वे सभी चीजो से हीन  माने जाते हैं |

 

10.हर मानव के लिए यह जरूरी हैं कि वह नीचे धरती पर अच्छी तरह देखकर ही अपने कदमो को आगे बढाये |जल को कपड़े से

छान कर पीये | शास्त्रों के अनुसार ही सोच -समझकर वचन बोले तथा मन मे सोच -विचार करके ही अच्छे और शुभ  व्यवहार करे |

ऐसे ही लोग उन्नति करते हैं और समाज मे सम्मान पाते  हैं |

 

Chanakya Niti

Top 7 Chanakya Niti in Hindi

2 Jul , 2018  

1.सोना आग मे डालने के पश्चात भी अपनी चमक नही खोता ,इसी प्रकार से अच्छे खानदानी लोग कही भी चले जाये वे अपने गुणों को नही छोड़ते |गुण ओर उनकी अच्छाई सदा ही उनके साथ रहते हैं |

Chanakya NIti

2.इस धरती पर कोन  ऐसा हैं ,जिसे धन पाकर गर्व न हुआ हो |ऐसा कोन प्राणी हैं ,जिसे नारी ने व्याकुल न किया हो |कोन मौत के पंजे से बच पाया  हैं |कोन ऐसा हैं जो ब्रै के जाल मे न फंसा हो |कोन ऐसा हैं , जो मजेदार खानों को देखकर मुहँ मे पानी न भर लाया हो |श तो यह हैं कि हम सब के सब हमाम मे नंगे हैं |

 

3.इस संसार मे बड़ा कोन हैं ?नये कपड़े अथवा दानी |धोबी जो सुबह के समय वस्त्र लेकर ,रात को वापिस आता हैं |चालाक कोन हैं दुसरो के धन  औरत औरत का हरण करने मे सभी चतुर हैं |यह सब कैसे जीते हैं ? गंदगी के कीड़े केवल गंदगी मे ही जीते हैं |इन सब चीजो को देखकर ही तो कहा गया हैं |कि बड़ा आदमी केवल अपने गुण और कार्य से ही पहचाना  जाता हैं | अच्छे कपड़े पहन लेने से सुंदर स्वस्थ शरीर वाले लोग यदि अपने अन्दर कोई गुण नही रखते ,तो उन्हें बड़ा नही कहा जा सकता |

 

 

4.पुरुष की तुलना मे नारी का आहार दो गुना, शर्म चार गुनी ,साहस छ: गुना और कामवासना आठ गुनी अधिक होती हैं | नारी पुरुष की अपेक्षा  कही अधिक कोमल होती हैं |किन्तु वह पुरुष से अधिक भोजन करती हैं |इसी कारण उसमे वासना की आग पुरुष से अधिक होती हैं |नारी फल भी हैं और पत्थर भी |राजा पत्नी गुरु -पत्नी और सास , माता के समान होती हैं |इसलिए  इनको बुरी नजर से नही देखना चाहिए |इनका  माँ के समान ही आदर करना चाहिए |ऐसा न करने वाले महापापी कलंकी होते हैं |उन लोगो की तो छाया  से भी बचना चाहिए |

 

 

5.  सोने मे खुशबु नही होती | ईश्वर  के साथ किसी ने चन्दन का फूल खिलते नही देखा | चाँद दिन मे नही निकलता |क्या विधाता  इन सब कर्मो को बदल  नही

सकता था ? ऐसा करने के लिए कोई विधाता को बुदी देने वाला कोई नही था ? यह सोच कर आप भी हैरान होंगे |परन्तु |यह मत भूले कि यह सब कुछ प्रकति के

नियमानुसार ही हो रहा हैं |इन नियमो का पालन विधाता को भी करना पड़ता हैं |इन्ही नियमो के उपर प्रकति चल रही हैं |

 

6.जिस प्राणी की माता लक्ष्मी और पिता स्वयं भगवान हो ,विष्णु के उपासकउसके भाई हो ,तीनो लोक उसके लिए अपने देश के समान हो जाते हैं 

वह सदा सुखी रहता हैं |

7.सेवा का अवसर आने पर सेवको का पता चलता है |रिश्तेदारों का पता दू;ख के समय पता लगता हैं | दोस्ती का पता भी संकट की  घड़ी मे 

लगता हैं पत्नी के प्यार की परीक्षा भी उस समय ली जाती जब आदमी निर्धन हो जाता हैं |जो दू;ख और गरीबी मे साथ देते हैं ,उन्हें ही अपना 

सच्चा साथी मानना चाहिए | जो लोग मिली हुई चीज को छोडकर उस चीज के पीछे भागते हैं जिसके मिलने की कोई आशा ही न हो ,ऐसे लोग

मिली होई चीज भी खो देते हैं |ऐसे लोगो को देखकर कहा गया हैं कि आधी छोड़  सारी कर दौड़ा ,आधी भी न रहा |

 

 

 

Uncategorized

Top 10 in Chanakya Niti On Intligents

12 Jun , 2018  

1.बुदिमान लोगो के लिए  यह जरूरी है कि वह अपने बुरे समय के लिए धन  कमाकर रखे और उस धन की रक्षा  भी

पुरे ध्यान से करे |परन्तु धन और स्त्री से भी अधिक उन्हें अपनी रक्षा की और ध्यान देना अति आवश्यक है  ,क्योकि

जब उनका अपना ही नाश हो जायेगा तो धन और स्त्री किस काम आयेगे ?

Chanakya Niti

2.जो लोग बने हुए  काम को छोडकर न बनने वाले काम के पीछे भागते है , उनका बना हुआ काम भी बिगड़ जाता है |

जो पहले से ही न होने वाला है वह तो तो पहले से नष्ट है ही |

 

3.विष मे अम्रत को ,अशुद पदार्थो मे सोने को ,नीच से भी शिक्षा को और दुष्ट कुल से नारी रत्न  को बिना संकोच  के

ग्रहण कर लेना चाहिए |

 

4.पुरुषो से नारियो का आहार दुगुना ,बुधि चौगुनी , साहस छ: गुना | और काम भाव आठ  गुना  बताया गया है |

 

5.ऐसे लोग जो मुह पर तो मीठी -मीठी बाते करते है लकिन पीठ के पीछे सब कामो को बिगाड़ देते है उनको त्याग

देना चाहिए  क्योकि वह सब उस विषकुंभ  के समान है जिसके उपर तो दूध ही दुध भरा होता है |परन्तु  उसके अन्दर

विष भरा होता है |ऐसे लोगो से सावधान रहना चाहिए |

 

6.सारे पहाड़ो पर हीरे -जवाहरात  नही होते अथार्त हर पत्थर हीरा नही होता  |सभी हाथियों के मस्तक  मे मोती नही

होता | अच्छे और भले लोग हर स्थान पर नही मिलते  और हर जंगल मे चन्दन के पेड़ नही होते |

 

7.जो माँ -बाप अपने बच्चो को अधिक लाड प्यार से पालते है ,उनकी हर अच्छी -बुरी इच्छा  पूरी करते है , ऐसे बच्चो

मे अनेक बुरी आदते जन्म ले लेती है  जो बड़े होने पर उनकी प्रगति मे रोड़ा बन जाती है |इसलिए बचपन से ही  बच्चो

को बुरी आदतों  से बचाकर रखना चाहिए |लाड -प्यार करने के साथ ही बच्चो  को समय -समय पर प्रताड़ित  भी करते रहना

चाहिए |

 

8.यदि कोई मुर्ख प्राणी  आपको मिले तो उसका त्याग करो | क्युकी वास्तव मे वह दो पांव  का पशु होता है | ऐसे प्राणी वचन

रूपी बाणों से मनुष्य को ऐसे बींधता है जैसे रास्ते का काँटा शरीर मे चुभकर  उसे बींधकर एक दर्द पैदा करता है |

 

9.राजा लोग केवल एक बार आज्ञा देते है , पण्डित लोग एक बार बोलते है |अपनी प्रतिज्ञा पर द्रढ़ रहते हुए  कन्या दान भी

केवल एक बार ही  किया जाता जाता है | यह तीनो बातो केवल एक बार होती है |बार -बार यह सब नही होता |

 

10.पत्नी वही है जो पवित्र हो ,जो चतुर हो , जो पतिव्रता बन रहे ,जो अपने पति से प्रेम करती हो , जो सत्य बोले ,झूठ से

घ्रणा करे ,केवल इसी ही नारी  मान- सम्मान और पालन -पोषण करने योग्य मणि गई है |

 

Uncategorized

Top10 Chanaky Niti in Hindi

9 Jun , 2018  

1.पहले  क्या किसी ने सोने का म्रग  देखा था  ? कभी नही , फिर सीता जी देखा था , राम जी देखा था , राम जी ने उसी हिरन

का पीछा किया ,इसके फलस्वरूप  सीता -हरण भी हुआ  ऐसा इसलिए हुआ कि विनाश काल आना था ,तभी तो  हर काल का

उल्टा  होता चला गया  इसलिए कहा गया है  विनाश के दिन आते है  तो बुधि नष्ट हो जाती हैं | शक्ति जिसमे नही , वह साधु

बन जाता हैं |जिसके पास धन न हो , वह ब्रह्मचारी बनता हैं | बूढी औरत  सबसे से  अधिक पतिव्रता बनती हैं | यह सबके सब

ढोंगी  होते हैं  जैसे कि कभी ताकतवर साधु नही बनता , धनवान ब्रह्मचारी नही बनता ,सेहतमंद  आदमी भक्ति नही करता ,

सुंदर नारी पतिव्रता  धर्म के गुण कं ही गति हैं  |

chanakya

2.राजा, वैश्या , यमराज ,आग, चोर , बालक ,याचक ,झगड़ा  करने वाला ,यह आठो ऐसे हैं  जिनके लिए दुसरो का दुःख -सुख

का कारण  बनता हैं  | कांचली मे सांप  रहते हैं , कीचड़ मे कमल के फूल खिलते  हैं , इसलिए प्राणी अपने ही  गुणों से ऊँचा उठ

सकता  हैं  |

 

3.घटिया  लोग  सदा  धन  के लाभ मे अंधे  रहते हैं | मध्य वर्ग के लोग  धन के साथ -साथ  अपनी इज्जत भी चाहते हैं  |उतम

लोगो को केवल  आदर सत्कार की भूख होती हैं  | यह बात न भूले  किधन से कहाँ  अधिक इज्जत  होती हैं |

 

4.हाथी को  अकुंश से , घोड़े को चाबुक से ,सींग वाले पशु को डंडे से ,दुर्जन को तलवार  से दंड देना चाहिए | प्रत्येक के साथ  उनके

व्यवहार के हिसाब  व्यवहार करना चाहिए |

 

5.विधार्थी  ,नोकर , भूखा आदमी ,खजांची ,चोकीदार ,बुद्धिमान ,यदि वह लोग सो रहे हो तो  इंन्हे जगा देना उचित होता हैं | क्यों ?

विधार्थी  अगर सोया रहेगा , तो उसकी पढाई नही होगी  नोकर सोयेगा तो मालिक उसे  काम से निकल देगा  |भूखा यदि सोया रहेगा

तो रोटी की तलाश कौन  करेगा ?  खजांची सोये तो खजाने की रक्षा कौन  करेगा ?  विद्वान  सोएगा तो उसका काम कौन  करेगा  ?

 

6.जिन लोगो के क्रोध सहने पर डर पैदा होता हैं  |जिसके खुश होने पर धन नही मिलता  | जो न तो कोई सजा दे सकता हैं  |न ही

किसी भलाई कर  सकता हैं |  ऐसे लोगो को चिकना घडा कहा जाता हैं  |

 

7.जीवन मे कुछ कष्ट अधिक  ही दु:खदायक  होते हैं | इन कष्टों के कारण  शरीर बिना  आग  के जल जाता हैं  जैसा कि पत्नी

का वियोग ,अपनों द्वारा  किया अपमान ,बचे हुए कर्ज का न दे पाना , दुष्ट राज की सेवा  , दुष्टों का संग | यह सब  चीजे दु:खदाई

होती  हैं  |

 

8.नदी किनारे पेड़  |दुसरो के घर  रहने  वाली अपनी पत्नी  | बिना मंत्री का राजा | यह हर साल मे नष्ट हो जाते हैं |  नदी के

किनारे का पेड़  नदी के कटाव के कारण  गिर जाता हैं  पत्नी अलग रहने के कारण  अच्छा सलाह न पाने के कारण,राजा  जब

राज न चला सके  तो प्रजा  विद्रोह  कर देती हैं  |

 

9.हर काम सीमा के अन्दर रहकर करना चाहिए | सीमा से बाहर किया हुआ हर काम नुकसान देता हैं  | बहुत सुन्दर होने के कारण

सीता जी का अपहरण हुआ | सीमा से भी अधिक गर्व करने के कारण  रावण मारा गया | सीमा से बाहर आकर दान

से राजा बलि को बन्धन मे बंधना पड़ा |

 

10.असली दोस्त वही हैं  जो दोस्त के काम आये  सच्चे दोस्त को  भाई के समान  माना  गया हैं | यही कारण हैं  कि दोस्ती ही

इंसान के काम आती हैं  |

 

 

 

 

 

 

 

 

Uncategorized

Top 10 IN Chanakya Niti For Nari

7 Jun , 2018  

.1.वह  नारी उतम मानी जाती हैं  जो पवित्र हो ,चालाक हो ,चालाक को पतिव्रता हो | जो अपने पति से प्रेम करती हो ,सत्य बोलती हो ,

ऐस गुणों वाली औरत जिस घर मे होगी वह घर सदा सुख के झूलो मे झूलेगा |उस घर मे खुशियाँ  ही खुशियाँ होगी |उसी घर को  भाग्यशाली

घर कहा जा सकता हैं |

2. इस संसार का हर प्राणी औरत को पालने की आशा करता  हैं |यहाँ तक की बड़े -बड़े विद्वान् ,महापंडित ,ज्ञानी ,देवता ,आखिर यह सब

क्यों होता हैं |यह आपने कभी सोचा |

3.इस  संसार की सबसे बड़ी शक्ति कोंन- सी हैं ? क्या आप कल्पना कर सकते हैं | कि इस संसार को जीत लेने वाला पुरुष  उस शक्ति

के आगे ऐसे पिंघल जाता हैं  जैसे आग के सामने मोम |वह शक्ति -नारी की जवानी और सुन्दरता |

4.अत्यंत सुंदर औरत का शरीर क्या हैं ? मांस , हाड़ और उसके  यौवनांग |पुरुष इसी मे खो जाना चाहता हैं | किन्तु सत्य  यह हैं |

कि यही सबसे बड़ा नर्क हैं | आप इससे जितना भी बच कर रहेगे ,उतना ही लाभ होगा |

5.औरत कितनी  भी बड़ी हो जाये ,किन्तु वह अपने को सदा सुंदर और जवान ही समझती रहती हैं |उसकी यही इच्छा होती हैं |

कि वह सदा जवान ही रहे तांकि पुरुष उसके पीछे -पीछे घूमता रहे |

6.औरत के चेहरे की सुन्दरता और उसके शरीर की बनावट पर पुरुष मरता हैं |यही कारण हैं कि वह एक औरत के साथ रहते 

हुए भी किसी दूसरी औरत को बुरी नजरो से देखता हैं |

7.मासिक धर्म के पश्चात नारी कुवांरी लडकी जैसी ही पवित्र हो  जाती हैं | पुरुष को यह सलाह दी जाती हैं कि भूलकर भी  मासिक धर्म

के दिनों मे औरत से सम्भोग न करे |

8.इस दुनिया मे अधिकतर ,युद्ध,दुर्घटनाए ,केवल नारी के कारण  ही हुई हैं |इसीलिए बुदिजीवी को यही सलाह दी जाती हैं कि ये औरत

के इस माया जाल से दूर रहे |

9.जो नारी सुबह के समय अपने पति की सेवा ,माँ के समान करती हैं और दिन मे बहन के समान प्यार देती  हैं |और रात मे वेश्या की

भांति ,उसे अपने शरीर का आनन्द दे उसे ही सत्य से अच्छी और गुणवान पत्नी माना जाता हैं |

10.परिवार के झगड़ो के पीछे अधिकतर हाथ नारी का ही होता हैं |इसलिए बुद्धिमान पुरुषो को यह सोच लेना  चाहिए कि केवल औरत  के पीछे

लड़ने  झगड़ने का कोई लाभ नही | यह थे नारी के बारे मे चाणक्य जी के विचार |

Uncategorized

Top 8 Chanakya Niti in Hindi

13 Apr , 2018  

1.अपने बढो के आगे कभी  झूठ मत बोलो | राजा के आगे झूठ बोलने से मृत्यु दंड मिल सकता है |दुश्मन के  साथ धोखा

करने से धन का नाश  होता है | ब्राह्मण के साथ धोखा करने से कुल का नाश होता है | इसलिए कभी झूठ मत बोलो |

chanaky

2.अपने भाइयो ,सगे सम्बन्धियों  के बीच छोटा बन कर रहने से तो कही अच्छा है किआदमी जंगल  मे जा कर रहने लगे |

जहाँ पर बड़े -बड़े हाथी बाघ रहते हो | खाने के लिए पते और पीने के लिए तालाबो का गंदा पानी  मिले |ऐसे वातावरण  मे

भी तुम्हे आत्मिक शान्ति मिलेगी , क्योकि वहाँ आप अपने को छोटा नही समझेगे  |

 

3.ब्राह्मण एक व्रक्ष के समान है | उसकी जड संध्या और दान शारदा  है | पते धर्म -कर्म है | इसलिए जड की रक्षा  बड़े ध्यान से

करनी  चाहिए | यदि हथियार भी आदमी के पास हो और उसे चलाने की बुधि  न हो तो बिना हथियारों वाले  प्राणी से भी वह

हर जायेगा  | इस तरह से बुधि  बड़ी बलवान है |

 

4.अपने दायरे को तोड़ने वाला | अपनी  सीमा से बाहर जाने वाला |ऐसे प्राणी सदा धोखा खाते हैं | हर प्राणी के जीवन की

एक सीमा होती हैं  उसे अपने हालात, अपनी श्रदा , अपनी ताकत के अनुसार ही जीना चाहिए |

 

5.जो हर समय  अपने ख्याल मे खोया रहे | उसे विध्या नही आ सकती | जो मासाहारी है , उसके मन मे दया नही होती |

जो कामुक हैं ,वह कभी पवित्र  नही होता | यह भी सत्य हैं कि  चील के घोंसले  मे  कभी मास नही होता |

 

6.जब किसी चीज के गुणों का पता नही चलता  तो उसकी बुराई  होने लगती हैं  \ भ्लनी हाथी की कीमत नही जानती ,

फिर उसकी बुराई करके अपने मन को शांत कर लेती हैं | लोमड़ी जब अंगूरों तक  पहुंच नही सकती , तो वह कहती हैं कि

यह अंगूर खट्टे हैं | मैं तो मीठे अंगूर ही खाती हूँ |

 

7.जो पाखंडी होता है  दुसरो का काम बिगाड़ देता है   अमीर आदमी जब धन का दुरूपयोग करता है तो वह अन्दर से  वह

पापी होते है  | बिल्ली भी इन्ही के स्वभाव  वाली होती है |

 

8.महापुरुषों  का चरित्र धन्य है |वैरागी लक्ष्मी को एक तिनके के समान समझता है | लक्ष्मी कितनी भी उसके पास आ

जाये वह मुहँ फेर कर चल देता है |इंद्रिय  विजेता  के रास्ते मे सुंदर से सुंदर  औरत  कितना भी प्रयास क्यों न  करे  वह कभी

उसके जाल मे नही फंसता |

 

 

 

 

 

 

 

 

Uncategorized

Top 10 Chanakya Niti n Hindi

2 Apr , 2018  

1.मृत्यु सब इंसानों को कहा जाती है | जब सारा संसार समाप्त  हो जाता है  तो काल फिर भी जागता रहता है | मृत्यु कभी नही मरती |

हाँ वह सब इंसानों को मार देती हैं |इसमे कोई संदेह नही कि मृत्यु ही इस संसार मे सबसे बड़ी बलवान हैं |मृत्यु को आज तक कोई नही

लांग सका |

Chanakya niti

2.जन्म से जो अन्धा हैं उसे दिखाई नही देता ,जो कामवासना मे अन्धा हैं उसे भी कुछ दिखाई  नही देता ,शराब अवम दुसरे नशे करने

वाले को भी कुछ दिखाई नही देता , स्वार्थी और पापी इन्सान जब अपना मतलब सिद्ध करना चाहता हैं तो उसे   इस धुन मे वह ऐसा अन्धा

होता हैं कि  किसी भी काम मे दोष नजर नही आता हैं |

 

3.जीवन तो स्वयं मे ही एक कर्म हैं और यह जीवन ही कर्म करता है |उन कर्मो के सहारे ही वह दुःख -सुख भोगता हैं |यही जिव कई योनियों

मे इस संसार मे जन्म लेता हैं और जब -जब यह जीव  पुरुषार्थ करता हैं तो संसार के बन्धनों से मुक्त हो जाता हैं |

 

4.देश मे किये पापो को राजा ,राजा के द्वारा  किये गये पापो को पुरोहित ,पत्नी  द्वारा किये गये पापो को पति ,और शिष्यों द्वारा किये गये

पापो को गुरु ही भोगता हैं |इसलिए हर इन्सान को पाप को दूर रहना चाहिए  |

 

5.लोभी  को धन से अभिमानी को हाथ जोडकर ,मुर्ख को उसकी इच्छा के अनुसार और विद्वान् को सदा सत्य बोलकर वश मे किया जा सकता हैं |

 

6.यदि कोई राजा पापी और स्वार्थी हैं तो उससे राज्य का न होना ही अच्छा हैं |इसी प्रकार धोखेबाज  और ढोंगी मित्रो से मित्र न होना ही अच्छा हैं |

बुरे और चरित्रहीन शिष्यों से तो शिष्य का न होना ही अच्छा हैं और दुराचारी नारी को पत्नी बनाने से तो अच्छा हैं ,इन्सान विवाह ही करे |

 

7.इन्सान को शेर औरबगुले से एक -एक ,मुर्गे से चार ,कौए से पांच ,कुते से छ: और गधे से तीन गुण सीखने चाहिए |इन्सान जो भी  छोटा -बड़ा

काम करना चाहता हैं ,उसे अपनी पूरी शक्ति से करे |यह शिक्षा उसे सिंह से लेनी चाहिए |विध्वान और ज्ञानी इन्सान को चाहिए कि वह अपनी

इंद्रियों को वश मे करके ,मन को एकाग्रचित करके तथा देश काल और अपने बल को अच्छी तरह जान कर बगुले के समान अपने सारे कार्य को

सिद्ध करे |यथा समय जागना ,युद्ध के लिए तैयार रहना ,बन्धुओ को उनका हिस्सा देना और आक्रमण करके भोजन करना |इन चारो बातो को

मुर्गे से सीखना चाहिए | छिपकर मैथुन  करना ध्र्ष्टता ,समय -समय पर संग्रह करना ,हर समय होशियार रहना और किसी पर विश्वास न करना |

इन पांच बातो को कौए से सीखना चाहिए |

 

8.अधिक खाने की शक्ति रखना , यधि न मिले तो थोड़े मे ही सब्र करना ,गहरी नीद मे सोना , जरा भी आहट होने पर जाग जाना ,अपने मालिक से

वफादारी और उसकी भक्ति करना ,बहादुरी से शत्रु से युद करना ,यह छ: गुण इन्सान को कुते से सीखना चाहिए |

 

9.बहुत ठक्कर भी बोझ उठाते जाना ,गर्मी -सर्दी की परवाह न करना सदा धैर्य और संतोष से जीवन व्यतीत करना |इन तीन गुणों को धैर्यवान गधे

से सीखना चाहिए | जो प्राणी इन बीस गुणों को अपने जीवन मे पल्ले बांधकर इन्हे पूर्ण रूप से धारण करेगा , वह सदा ही सफल होगा |

 

10.गाड़ी से पांच हाथ ,घोड़े से दस हाथ ,हस्ती से सौ हाथ दूर रहना चाहिए |दुर्जन से बचने के लिए यदि देश को भी छोड़ना पड़े तो इसमे

तनिक भी संकोच नही करना चाहिए |

 

 

 

 

 

 

Uncategorized

Top 10 in Chanakya Niti in Hindi

26 Mar , 2018  

1.ब्राहाण भरपेट भोजन मिलने पर ,मोर बादलो के गर्जने पर,सज्जन दुसरो की सम्पति से ,दुष्ट दुसरो को विपति मे देखकर बड़े

खुश होते हैं |मानव को अत्यंत सरल स्वभाव का नही होना चाहिए वनों मे जाकर देखो कि वहाँ सीधे ही व्रक्ष को ही काटा जाता हैं |

और टेढ़े -मेढ़े व्रक्ष बड़े मजे से खड़े रहते हैं |उन्हें कोई नही काटता |

Chanakya Niti

2. शेर की गुफा मे जाने पर ही हाथी के मस्तक का मोती प्राप्त होता हैं और गीदड़ के स्थान पर  जाने पर बछड़े की पूंछ और गधे के

चमड़े मिलते हैं | जैसे फूलो मे खुशबू होती हैं |तिलों से तेल निकलता हैं | काठ मे आग ,दूध मे घी और ईख मे गुड ,शक्कर होता हैं |

वैसे ही शरीर मे भी आत्मा का वास  हैं |बुदिमान और ज्ञानी लोगो को पाकर अपने जीवन का कल्याण करना चाहिए |

 

3.लम्बी आयु वाले मुर्ख बेटे से पैदा होते ही मर जाने वाला बेटा श्रेष्ठ हैं |उसका केवल थोड़े समय के लिए दुःख होता हैं परन्तु मुर्ख

बेटा तो जब तक जीवित  हैं तब तक माँ -बाप को दुःख देता रहेगा |

 

4.बदनाम ग्राम  मे निवास करना ,कुलहीन की सेवा करना ,बुरा भोजन करने वाली पत्नी ,मुर्ख पुत्र और विधवा नारी | यह छहों

बिना आग के ही शरीर जलाते रहते हैं |

 

5.उस गौ  का क्या लाभ जो दूध न देती हैं न गर्भ धारण करती हैं ,ठीक इसी प्रकार उस बेटे से क्या लाभ जो न विद्वान्  न हो

और न ही ईश्वर भक्त हो |

 

6.जिस घर मे सन्तान नही वह सूना हैं  ,जिस इन्सान के दोस्त या मित्र नही हैं उसकी दशो दिशाए सूनी हैं |मुर्ख इन्सान का

दिल सूना होता हैं और दरिद्री व् कामचोर के लिए तो सबकुछ सूना हैं |

 

7.जैसे आग मे जलते हुए एक ही व्रक्ष से वह सारा वन जिसमे वह पैदा हुआ हैं ,जलकर भस्म हो जाता हैं |वैसे ही एक ही बुरी

सन्तान सारे वंश के गौरव , मान और इज्जत को मिट्टी मे मिला देती हैं |

 

8.दिल को दु:खी करने वाले शोकदायक बहुत से बेटो के घर मे होने से क्या लाभ हैं ?उससे तो कही अच्छा यह हैं कि एक ही पुत्र

उतम और ज्ञानी हो |

 

9जंहा पर जल होता हैं वही पर हंस आते हैं |जब जल सुख जाता हैं तो वे उस स्थान को छोडकर चले जाते हैं |परन्तु मानव को

हंस की भांति बार -बार आने -जाने वाला स्वार्थी नही होना चाहिए |

 

10.कमाए हुए धन को खर्च करना ,दान देना उसकी रक्षा मणि जाती हैं |जैसे जल से भरे तालाब के अन्दर भरे हुए जल को

निकालते रहने से ही तो जल स्वच्छ रह सकता हैं |

Uncategorized

Top 8 in Chanakya Niti in Hindi

23 Mar , 2018  

1.पानी मे तेल और पापी आदमी से गुप्त रहस्य ,सत्पात्र को दिया गया दान ,बुद्धिमान को दिया गया शास्त्र ज्ञान ,यह सब

थोड़े होने पर भी वस्तु की शक्ति से स्वयं ही विस्तार को प्राप्त होते हैं |

Chanakya niti

2.हे प्राणी ! तुम दुष्टों का साथ छोडकर अच्छे -भले ज्ञानी लोगो के साथ रहो |रात -दिन अच्छे -भले काम करो | यह मत भूलो

कि संसार नाशवान हैं |इसलिए ईश्वर को याद रखो |

 

3.धर्म ,धन अन्न और ज्ञान व् औषधियों का भलीभांति संग्रह करने वाले लोग बुद्धिमान  लोग होते हैं और जो लोग इनका संग्रह नही

करते वे कभी सुख से नही जी सकते |

 

4. मित्र ,स्त्री ,सेवक ,बन्धुवर —-  यह सब इन्सान को त्याग देते हैं | जब वह मनुष्य पुने: धनवान बन जाये तो वही लोग उसके पास

भागे आते हैं |ऐसा प्रतीत होता हैं कि यह धन ही तो इंसान का सबसे बड़ा दोस्त ,मित्र ,बन्धु -बांधव हैं | 

 

5.जो मुर्ख अज्ञानी  होने के कारण ऐसा समझता हैं  कि यह सुंदर नारी मुझसे प्रेम करती हैं | ऐसा आदमी उनके प्रेम जाल मे फसकर

कठपुतली की भांति नाचता रहता हैं |

 

6.वेश्याएँ बातचीत किसी से करती हैं ,किन्तु विलासपूर्वक किसी और को देखती हैं उनके मन मे भी किसी और का ही चिन्तन  होता हैं |

इसमे कोई संदेह नही कि वेश्याओ का प्यार किसी एक के साथ नही होता |वह सब को प्यारी होती हैं , परन्तु उनका असली प्यार  तो धन

से होता हैं |

 

7.जो प्राणी इस संसार  के मोहमाया जाल मे फंसे हुए हैं जो इस जाल से बाहर निकलने के लिए  न तो वेदों का पाठ करते ,न ईश्वर की

उपासना करते हैं |न ही अपने लिए स्वर्ग के द्वार खोलने के लिए धर्मरुपी  धन का संग्रह करते |न स्वप्न मे स्त्री के सुंदर स्तनों व् जंघाओं

का आलिंगन करते ,वे लोग माता के योवन रूपी व्रक्ष को काटने वाले कुल्हाड़े रूप होते हैं |

 

8.यह संसार एक विष व्रक्ष हैं |इस पर दो ही प्रकार के फल अम्रत के समान लगते हैं | पहला मधुर वचन व् दूसरा सज्जनों की संगति |

अथार्त मधुरभाषी व्यक्ति शत्रु को भी वशीभूत कर सकता हैं |और जो सज्जन पुरुषो की संगति करता हैं उसका निश्चय ही कल्याण

होता हैं |

 

Uncategorized

Top 10 Chanakya Niti in Hindi

19 Mar , 2018  

1.किसी प्राणी के वंश का पता उसके व्यवहार से ही लग जाता है |ऊँचे वंश के लोगो की बोल चाल मे सभ्यता मिलेगी ,किन्तु

छोटी जाति के लोग भले ही बड़े हो जाए,उनमे यह सभ्यता नही आ सकती |

Chanakya Niti

2.ब्राहाण केवल विधा के सहारे ही पण्डित कहलाता है | राजा अपनी सेना के सिर पर ही बहादुर होता  है |बनिया अपनी

कारोबारी बुधि से ही दन कमाता है |

 

3.इस संसार मे कौन सा ऐसा प्राणी है ,जिसमे कोई दोष न हो |इस दुनिया मे कौन सा मानव है ,जिसे कोई दुःख न हो | यह बात मत

भूलो कि सदा कोई सुखी और न ही सदा कोई दुखी रहता है | जीवन तो धुप छांव है |

 

4.हर वैश्या गरीब का प्यार छोड़ देती है |प्रजा कभी भी उस राजा का साथ नही देती ,जो शक्तिशाली नही | पक्षी कभी उस पेड़ पर  नही

बैठते जिस पर फल नही |

 

5.बुरे  इन्सान और सांप मे कौन अच्छा है ?इस प्रश्न का उतर यही है कि सांप तो केवल एक ही समय आने पर  ही काटता है किन्तु बुरे लोग

वे हर पल पर बुराई  करते है इसलिए बुरा इन्सान तो हर समय बुराई करके सांप से भी भयंकर हो जाता है |

 

6एकता मे ही शक्ति हैं | बिखरे हजारो तिनो को हाथी रौंद डालता हैं | वही हजारो तिनके मिलकर ढाल बन हाथी को अपने बस मे कर लेटे हैं |

 

7.सागर सदा शांत और गम्भीर रहता हैं |किन्तु प्रलह काल मे वह भी अपनी सीमा पार कर लेता  हैं |परन्तु अच्छे ज्ञान ,बुद्धिमान एवं  साधु

लोग अपनी सीमा का उल्लघंन नही करते |वे सरकार की भांति प्रलह मे भी अपनी सीमा का बन्धन नही तोड़ते |

 

8.व्यापार करना हो तो कोई देश दूर नही |आत्म विश्वास से बढकर इस संसार मे कोई दूसरी ताकत नही

 

9.अमीर आदमी के पास दोस्त बहुत होते हैं |ऐसे दोस्त केवल स्वार्थ के लिए ही बनते हैं  वे केवल अमीर दोस्त को ,पागल  बनाने के लिए

ही दोस्ती का दावा करते हैं |

 

10.पुत्र को दस वर्ष तक प्यार करे ,फिर उसके साथ कड़ाई का व्यवहार करे | सोलह  वर्ष का पुत्र होने उसके साथ मिलकर हर विषय मे

विचार विमर्श करे |उसे अपना मित्र समझकर व्यवहार करे|