Chanakya NIti

Chanakya Niti

Chanakya Niti On Mahapapi

13 Feb , 2017  

महापापी 

1.महापापी  कोंन हैं | जो  दूर आए  भले सीधे -सादे प्राणी  को  विश्राम  की जगह  न दे ,जो घर आए मेहमान  को  खाना  न  खिलाये  और उसके  सामने स्वयं

खा  ले ,जो दुसरो  का माल हजम कर जाये ऐसे लोग  महापापी होते हैं | राजा आग, गुरु ,इन सबके निकट जाना अच्छा  नही होता | इनसे दूर रहने में ही  लाभ  हैं |

इससे इज्जत बनी रहती हैं  | आग ,पानी ,सांप ,राजा ,इन सबसे  मित्रता करने से घाटा ही  घाटा  हैं | यह क्रोध  में आकर  प्राणी की जान  भी ले सकते हैं

 

पापी 

2.कांठे और पापी  के  दबाने  के दो ही रास्ते हैं |पहला उसे तरीके से  समझाना | यदि वह प्यार से नही समझता  तो  फिर जूते से  समझाना  |

 

अम्रत 

3.अमृत  से सबको  जीवन मिलता हैं ,परन्तु शिवाजी महाराज  विष पीकर कर  और भी  पुज्यनिए  होते हैं , इसलिए हर काम केवल पात्र पर निर्भर होता  हैं |

 

निर्धन

 1.यह  एक खुला सत्य  हैं कि निर्धन   की वेश्य ,शक्तिहीन  राजा को प्रजा ,फलहीन व्रक्ष | इन  सबका कोई लाभ  नही होता | वन  में आग लगने पर   हिरण, 

विध्या  प्राप्त करने  पर विधार्थी भिक्षा  लेने के  पश्यात ,भिखारी ,यह बस अपने काम  पूरे होते ही  स्थान छोड़ कर  चले जाते हैं |